उज्जैन, शनिचरी अमावस्या पर्व पर त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर एवं घाट क्षेत्र में हजारों श्रद्धालुओं के आगमन के बाद नगर निगम उज्जैन द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा के निर्देशानुसार पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं करने के साथ ही पर्व की समाप्ति के पश्चात रात्रिकालीन विशेष सफाई अभियान चलाकर मंदिर परिसर एवं घाट क्षेत्र को पुनः स्वच्छ बनाया गया। अभियान शनिवार रात्रि से प्रारंभ होकर रविवार सुबह तक निरंतर जारी रहा जिसके परिणाम स्वरुप घाट पुनः साफ और स्वच्छ हुए।*
*पर्व के दौरान सुविधाओं के साथ स्वच्छता पर विशेष ध्यान*
*शनिचरी अमावस्या के विशेष संयोग को देखते हुए शनि मंदिर त्रिवेणी घाट एवं अन्य प्रमुख घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा स्नान के लिए फव्वारों, वस्त्र बदलने के लिए पृथक चेंजिंग रूम, बड़े डस्टबिन, पानी के टैंकर और चलित शौचालयों की व्यवस्था की गई। घाट पर मन्नत के रूप में छोड़े जाने वाले कपड़ों, जूते-चप्पलों एवं अन्य सामग्री के संग्रहण के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए। व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए 90 से अधिक सफाई मित्रों को अलग-अलग शिफ्ट में तैनात किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वच्छता निरीक्षकों एवं दरोगाओं ने सफाई कार्य की सतत निगरानी की, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो*
*पर्व समाप्त होते ही रात में शुरू हुई विशेष सफाई*
*शनिचरी अमावस्या के समापन के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल रात्रिकालीन सफाई अभियान प्रारंभ किया। शनि मंदिर परिसर एवं घाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए कपड़े, जूते-चप्पल और अन्य सामग्री को सफाई मित्रों द्वारा अलग-अलग एकत्रित किया गया। इसके बाद रात्रि को जेसीबी मशीन की सहायता से एकत्रित सामग्री को डंपर एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ट्रांसफर स्टेशन पहुंचाने की व्यवस्था की गई।इस अभियान का उद्देश्य केवल घाट की सफाई करना ही नहीं, बल्कि पर्व के बाद भी धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और गरिमा बनाए रखना था। रात्रि से सुबह तक चले अभियान के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही वाले शनि मंदिर एवं त्रिवेणी घाट क्षेत्र को पुनः साफ-सुथरा बनाया गया*
*कचरे का निस्तारण नहीं, उपयोगी सामग्री में होगा रूपांतरण*
*नगर निगम द्वारा एकत्रित कपड़ों एवं जूते-चप्पलों का उपयोग उनकी स्थिति के अनुसार किया जाएगा। अनुपयोगी कपड़ों से फाइल कवर तथा अनुपयोगी जूतों से RDF (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) तैयार करने की योजना है। वहीं, पुनः उपयोग योग्य कपड़ों एवं जूते-चप्पलों को 3-R केंद्र में रखा जाएगा, जहां से इन्हें जरूरतमंद नागरिकों को उपलब्ध कराया जाएगा*
*इस पहल के माध्यम से नगर निगम स्वच्छता के साथ-साथ Reduce, Reuse और Recycle (3-R) की अवधारणा को भी बढ़ावा दे रहा है। इससे धार्मिक आयोजनों के बाद निकलने वाली सामग्री का व्यवस्थित संग्रहण एवं उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी*
*अन्य प्रमुख घाटों पर भी किए गए विशेष इंतजाम*
*शनिचरी अमावस्या एवं सर्वपितृ अमावस्या के अवसर को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा अन्य प्रमुख घाटों पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। स्वच्छता, पेयजल और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे पर्व के दौरान व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहीं*
*नगर निगम द्वारा पर्व के दौरान व्यवस्थाओं के संचालन और पर्व समाप्ति के बाद त्वरित सफाई के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनी रहे और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें!
