उज्जैन, उज्जैन में प्रतिवर्षानुसार 29 वॉ भुजरिया पर्व 29 अगस्त, 2026 शनिवार को मनाया गया। भगवान जाहरवीर गोगादेवजी की छड़ियों (निशान) का दो दिवसीय मेला का शुभारम्भ हुआ। देश भर से गोगादेवजी की छड़ियों वाल्मीकि धाम पहुँची। शाम को राज्य सभा सांसद श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम पीठाधीश्वर, राष्ट्रीय संत बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज समाधि वाले बाबा धुने वाले बाबा का पुजन कर जाहरवीर गोगादेव जी का चित्र और रोट प्रसाद लेकर कारकेट के साथ भगवान महाकाल के मंदिर पहुँचे वहाँ भगवान महाकाल व गोगादेवजी का मिलन कराया गया। सभी निशान श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए। सभी छड़ियों का पूजन-अर्चन किया गया। म.प्र. शासन के मुख्यमंत्री माननीय डॉ. मोहन यादव जी, प्रातः श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम पहुँचकर जाहरवीर गोगादेव जी के छड़ी निशान का पूजन अर्जन किया एवं शाम को शोभा यात्रा का शुभारम्भ महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण से उज्जैन जिले के प्रभारी केबिनेट मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल जी, सांसद श्री अनिल फिरोजिया जी, विधायकगण श्री अनिल जैन कालुहेड़ा, डॉ. चिंतामण मालवीय, श्री सतीश मालवीय, ड़ॉ. तेज बहादुरसिंह चौहान जी, श्री जितेन्द्र उदयसिंह पण्ड्या, महापौर श्री मुकेश टटवाल जी, नगर पालिका निगम सभापति श्रीमति कलावती यादव जी, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, मध्यप्रदेश गृह निर्माण विभाग अध्यक्ष ओम जी जैन, अनुसूचित जाति आयोग सदस्य रामलाल मालवीय, सोनू जी गेहलोत, प्रदीप जी पाण्डे, राजेन्द्र जी भारती, पीर महंत रामनाथ जी महाराज, अनंत श्री विभूषित रंगनाथाचार्य जी महाराज, स्वामी आनंद जीवनदास जी महाराज, महामण्डलेश्वर श्री श्लेषानंद जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद जी महाराज, महंत श्री रामेश्वरदास जी महाराज, श्री प्रणयवपुरी जी महाराज, महंत श्री विनीत गिरी जी महाराज, महंत श्री श्यामागिरी जी महाराज (राधे-राधे बाबा), शुलभ शांतु गुरू जी, महामण्डलेश्वर सुमनानंदजी गिरी महाराज, साध्वी सुगना बाई सा. महंत श्री मुनीशरण जी महाराज, सोनू जी गेहलोत, प्रदीप जी पाण्डे, राजेन्द्र जी भारती, रविराय जी, हरिसिहं जी यादव, पार्षदगण व शहर के गणमान्य प्रबुद्ध जन द्वारा किया गया। तत्पश्चात् जाहरवीर गोगादेव जी के निशान की विशाल शोभा यात्रा बैंड बाजे, ढ़ोल ढमाकों के साथ महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन से सांय 07:00 बजे प्रारम्भ हुई। विशाल चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गो-महाकालेश्वर मंदिर से प्रारम्भ होकर पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, ढ़ाबा रोड़, दानी गेट, अनंत पेठ, जूना सोमारिया, गोंसा दरवाजा वाल्मीकि चौराहा, बड़नगर रिंग रोड़ होते हुवे श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम पहुँची।
संपूर्ण देश के कई राज्यों म.प्र., महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के विभिन्न जिलों व शहरों व कस्बों से गोगादेवजी की छड़ियों (निशान), अखाड़े, गायन दल, संतगण, व सत्संगी, गोगादेवजी के श्रद्धालु भक्तगण भुजरिया महापर्व व मेलें में सम्मिलित होने उज्जैन आए। करीब सात किलोमीटर लम्बे चल समारोह मार्ग पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, खेल व राजनीतिक संगठनो द्वारा मंच लगाकर छड़ियों का पूजन-अर्चन तथा भगत उस्ताद व खलिफाओं का सम्मान किया गया। वाल्मीकि धाम पर चल समारोह मेले के रूप में परिवर्तित हुआ। आश्रम पर रात्रिभर गोगा-गायन हुआ।