उज्जैन, प्रेस क्लब पर आयोजित पत्रकार वार्ता में महिला स्काइडाइवर अमिता गौड ने पत्रकारों से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया की मैं अमिता पिता लक्ष्मी नारायण गौड़ उज्जैन की बिटिया होकर बाबा श्री महाकाल के आशीर्वाद से मेरे द्वारा रसिया के ग्रोज्नी में करीब एक महीने का स्काइडाइविंग प्रशिक्षण पूरा कर मेरे द्वारा A Certification हासिल कीया गया है, इस उपलब्धि के साथ मैने मध्य प्रदेश की पहली महिला स्काइडाइवर बनने का गौरव भी हासिल किया।
मेरा सफर AFF यानी Accelerated Free Fall ट्रेनिंग से शुरू हुआ, जिसमें शुरुआती 7 जंप के बाद A License की ट्रेनिंग शुरू की। A Certification के लिए आवश्यक 25 जंप पूरे करते हुए मैने 90, 180 और 360 डिग्री टर्न, ट्रैकिंग, डॉकिंग, कैनोपी कंट्रोल और लैंडिंग जैसी स्किल्स का अभ्यास किया।

स्काइडाइवर बनने के इस सफ़र में मैने विमान से 13,500 फीट की ऊंचाई से जंप किया, जबकि सबसे चुनौतीपूर्ण जंप Hop and Pop jump रहा।
रूस में खराब मौसम और युद्ध के कारण बनी परिस्थितियों के बावजूद मैने अपना प्रशिक्षण जारी रखा और सफलतापूर्वक सर्टिफिकेशन हासिल किया, स्काइडाइविंग सिर्फ रोमांच नहीं, बल्कि अनुशासन, तकनीकी ज्ञान, एकाग्रता और सुरक्षा का खेल है।
में विशेष रूप से महिलाओं को यह संदेश देना चाहती हूं की वे अपने सपनों को सीमित न करें और उचित प्रशिक्षण व सुरक्षा के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी आगे बढ़े!
अब मेरा लक्ष्य स्काइडाइविंग में अपने अनुभव और स्किल्स को और बेहतर करना तथा देश और प्रदेश के साथ- साथ परिवार का नाम रोशन करना है।
